वर्णमाला किसे कहते हैं – परिभाषा, अर्थ, प्रकार

वर्णमाला किसे कहते हैं 

हिंदी भाषा की सबसे छोटी इकाई वर्ण होती है, वर्ण को हिंदी में ध्वनी भी कहा जाता है. इन्ही वर्णों की मदद से हम किसी व्यंजन का उच्चारण कर पाते हैं. यदि हिंदी में वर्ण ना हो तो हम किसी भाषा को ना तो बोल पायेंगे और ना ही उस भाषा को कहीं लिख पायेंगे. अगर हमें किसी भाषा को बोलना या लिखना है तो हमें वर्ण की आवश्यकता होती है. वर्ण को अच्छी तरह से समझाने के लिए हम यहाँ आपके लिए हिंदी में वर्णमाला की परिभाषा एंव वर्णमाला से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी बताने वाले हैं. 

वर्णमाला की परिभाषा 

वर्णमाला की साधारण परिभाषा इस प्रकार है “किसी भाषा को बोलने या लिखने के लिए उपयोग किये गये मानक प्रतीकों को वर्णमाला कहते हैं.” यानि वर्णमाला ही है जो हमें किसी भाषा को लिखने, उसे बोलने और समझने में अहम भूमिका निभाती है. 

वर्णमाला का अर्थ 

अब हम जानते है वर्णमाला का अर्थ “जिस तरह एक माला को बनाने के लिए खुबसुरत मोतियों की आवश्यकता होती है ठीक उसी तरह शब्दों के निर्माण के लिए वर्ण की जरूरत होती है. इसलिए इसे वर्णमाला कहा जाता है. 

हिंदी वर्णमाला में वर्ण के प्रकार 

हिंदी वर्णमाला में वर्णों को दो भागों में विभाजित किया गया है. वर्णमाला में वर्णों के प्रकार इस तरह है – 

  1. स्वर 
  2. व्यंजन 

स्वर किसे कहते हैं 

हिंदी वर्णमाला के अनुसार स्वर को इस तरह परिभाषित किया गया है “जिन वर्णों का उच्चारण करते समय सांस कंठ, तालू आदि स्थानों से बिना रुके हुए निकलती है स्वर कहा जाता है”. लेखन के आधार पर हिंदी वर्णमाला में 13 स्वर होते हैं. वहीं उच्चारण के आधार पर 10 स्वर होते हैं. 

लेखन के अनुसार स्वर – अ, आ, इ , ई , उ , ऊ , ऋ , ए , ऐ , ओ , औ , अं , अ: 

उच्चारण के आधार पर स्वर – अ, आ , इ , ई , उ , ऊ, ए , ऐ , ओ , औ 

व्यंजन किसे कहते है 

हिंदी वर्णमाला के अनुसार व्यंजनों की परिभाषा इस तरह है “जिन वर्णों का उच्चारण करते समय सांस कंठ, तालू आदि स्थानों से रुककर निकलती है उन्हें व्यंजन कहा जाता है”. यह व्यंजन हिंदी वर्णमाला में लेखन के अनुसार 35 व्यंजन और 4 संयुक्त व्यंजन होते हैं. 

वर्णमाला में 35 व्यंजन – क , ख , ग , घ , ङ, च , छ , ज , झ , ञ, ट , ठ , ड , ढ , ण, ड़, ढ़, त , थ , द , ध , न, प , फ , ब , भ , म, य , र , ल , व, श , ष , स , ह, ळ 

वर्णमाला में 4 संयुक्त व्यंजन – क्ष , त्र , ज्ञ , श्र

हिंदी वर्णमाला में एक अनुस्वार और एक विसर्ग होता है 

अनुस्वार – अं
विसर्ग – अ: 

वर्णमाला में पंचमाक्षर क्या है

हिंदी वर्णमाला में पांच वर्ग होते है क वर्ग, च वर्ग, ट वर्ग, त वर्ग और प वर्ग इनमे प्रत्येक वर्ग में पांच व्यंजन होते है. इन्ही व्यंजनों में पांचवा जो व्यंजन होता है उसे पंचमाक्षर कहा जाता है. हिंदी वर्णमाला में पांच ही पंचमाक्षर है ‘ङ’, ‘ञ’, ‘ण’ ‘न’,’म’. आधुनिक हिंदी में पंचमाक्षर का उपयोग कम हो गया है इनके स्थान पर अब बिंदी (ं) का उपयोग होता है. 

वर्णमाला से जुड़ी अन्य जानकारियां 

वर्णमाला में किसी भाषा को लिखने के लिए इसमें मौजूद इकाई के अनुसार ही चलना पड़ता है. अगर आप हिंदी के ज्ञाता है तो आप वर्णमाला में इकाई का महत्व समझते होंगे जैसे भाषा की सार्थक इकाई वाक्य है. वाक्य से छोटी इकाई उपवाक्य है. उपवाक्य की छोटी इकाई पदबंध है. पदबंध की छोटी इकाई पद है. पद से छोटी इकाई अक्षर है और अक्षर से छोटी इकाई ध्वनी यानि वर्ण है. 

निष्कर्ष 

हमने यहाँ पर आपको हिंदी वर्णमाला क्या है, इसका उपयोग कैसे किया जाता है एंव यह कितने प्रकार के होते हैं के बारें में विस्तार से जानकारी देने का प्रयास किया है. आपको हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा हमें जरुर बताएं और वर्णमाला से संबधित अन्य कोई भी सवाल आप यहाँ लिख सकते हैं. हम आपके सवाल का जवाब जरुर देंगे. 

हिंदी वर्णमाला से जुड़े प्रश्न एंव उत्तर 

वर्णमाला में गृहीत व्यंजन कौनसे है ? 

ज़, फ़, ऑ गृहीत व्यंजन है. 

वर्णमाला को अंग्रेजी में क्या कहते हैं ? 

अल्फाबेट ( Alphabet) 

नासिक्य व्यंजन किसे कहते हैं ? 

जिन व्यंजनों के उच्चारण करते समय ध्वनी नासिका से निकलती है जैसे ‘ण’ उसे नासिक्य व्यंजन कहा जाता है. 

संघर्षी व्यंजन कौन-कौनसे है ? 

श, ष, थ, झ और ज व्यंजन संघर्षी व्यंजन कहलाते हैं. 

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