वाक्य किसे कहते हैं । वाक्य के भेद, परिभाषा, उदाहरण

किसी भी भाषा को लिखने के लिए या बोलने के लिए क्रमबद्ध शब्दों की आवश्यकता होती है, जब हम अनेक शब्दों को क्रमबद्ध रखते है तो एक वाक्य का निर्माण होता है. खैर आज हम इस आर्टिकल में आपको वाक्य क्या है? इसके कितने प्रकार है की पूरी जानकारी देने वाले हैं. अगर आप हिंदी व्याकरण पढ़ रहे है तो आपको वाक्य क्या है के बारें में जानना चाहिए ताकि अगर आपसे कोई प्रश्न पूछ ले वाक्य क्या है या यह किस प्रकार का वाक्य है. तो आप जल्दी से उस सवाल का जवाब दे पायें. 

वाक्य क्या है और इसके कितने भेद है इन सब की जानकारी हम नीचे आपको देने जा रहे है, हमें उम्मीद है की आप इस आर्टिकल को पूरा पढेंगे और आपके मित्रों के साथ भी शेयर जरुर करेंगे. आज इस आर्टिकल में आपके ‘वाक्य क्या है’ से जुड़े सभी प्रश्न हल हो जायेंगे तो आइये जानते है वाक्य और वाक्य के भेदों के बारें में – 

वाक्य की परिभाषा 

वाक्य को परिभाषित करने के लिए हर एक इंसान अलग-अलग परिभाषा का निर्माण कर सकता है लेकिन इसकी साधारण और सबसे आसान परिभाषा यही है जैसे “शब्दों का वह समूह जिसका कोई अर्थ निकलता हो, उन्हें वाक्य कहा जाता है.” जैसे ‘राहुल को कमल का फूल बहुत पसंद है’ इस वाक्य को हम आसानी से समझ पा रहे है और इसका एक अर्थ भी निकल रहा है तो हम इसे वाक्य कह सकते हैं. लेकिन अगर यह कुछ इस तरह के शब्दों के समूह में होता है जैसे ‘फूल कमल पसंद को है राहुल’ अब यह शब्द अर्थहीन हो चुके है इसलिए इन्हें हम वाक्य नहीं कह सकते हैं. 

वाक्य के घटक 

वाक्य के दो घटक होते है यह इस तरह है – 

उदेश्य – जिसके बारें में कुछ कहा जाए. 

विधेय – उदेश्य के बारें में कुछ कहा जाए. 

वाक्य के भेद एंव प्रकार 

हिंदी व्याकरण में वाक्य के दो भेद बताये गये है यह इस तरह हैं – 

  1. अर्थ के आधार पर 
  2. रचना के आधार पर 

अर्थ के आधार पर वाक्य 

अर्थ के आधार पर वाक्य को आठ भागों में विभाजित किया गया है, जो इस तरह हैं – 

  • विधानवाचक वाक्य 
  • इछावाच्क वाक्य 
  • संकेतवाचक वाक्य 
  • प्रश्नवाचक वाक्य 
  • निषेधवाचक वाक्य 
  • आज्ञावाचक वाक्य 
  • विस्मयादिवाचक वाक्य 
  • संदेहवाचक वाक्य 

विधानवाचक वाक्य – वे वाक्य जिनसे किसी तरह की जानकारी प्राप्त हो उन्हें विधानवाचक वाक्य की श्रेणी में रखा जाता है जैसे – ‘भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी है.’

इच्छावाचक वाक्य – वे वाक्य जिनमे किसी तरह की इच्छा, आकांक्षा और आशीर्वाद का बोध हो ऐसे वाक्य को इच्छावाचक वाक्य कहा जाता है. जैसे – ‘भगवान करें तुम हमेशा खुश रहो.’

संकेतवाचक वाक्य – ऐसे वाक्य जिनमे किसी तरह का संकेत मिलता हो, उन्हें संकेतवाचक वाक्य कहा जाता है जैसे – ‘मुझे इधर जाने में डर लगता है’

प्रश्नवाचक वाक्य – ऐसे वाक्य जो किसी तरह का प्रश्न पूछ रहे हो उन्हें प्रश्नवाचक वाक्य कहा जाता है जैसे – ‘तुम्हे यह आर्टिकल कैसा लगा?’

निषेधवाचक वाक्य – ऐसे वाक्य जिनसे किसी कार्य का ना होना प्रतीत होता है ऐसे वाक्यों को निशेषवाक्य कहते है जैसे – ‘आज मेरा लिखने का मूड नहीं है.” 

आज्ञावाचक वाक्य – ऐसे वाक्य जिनकी मदद से किसी तरह की आज्ञा दी जाती है, उन वाक्यों को आज्ञावाचक कहते हैं जैसे – “तुम यहाँ से चले जाओ.’

विस्मयादिवाचक वाक्य – वे वाक्य जिनमे कुछ ऐसे शब्द हो जो गहरी अनुभूति का बोध करवाते हो, उन्हें हम विस्मयादिवाचक वाक्य कहेंगे जैसे – ‘ओह! वह कितना खुबसुरत है’, ‘वाह! आज तो हम हारते-हारते जीत गये’.  

संदेहवाचक वाक्य – ऐसे वाक्य जो किसी तरह का संदेह उत्पन्न करते हो, उन्हें संदेहवाचक वाक्य कहा जाता है जैसे – ‘क्या तुम यह काम कर सकते हो’, ‘मुझे नहीं लगता की अब यह चाय पीने लायक है’. ‘हो सकता है उसने काम पूरा ही ना किया हो’. 

रचना के आधार पर वाक्य के बारें में 

रचना के आधार पर हिंदी व्याकरण में वाक्य तीन प्रकार के होते है यह प्रकार इस तरह है – 

  1. सरल वाक्य 
  2. सयुंक्त वाक्य 
  3. मिश्रित वाक्य 

सरल वाक्य – जिस वाक्य में एक ही विधेय होता है, उस वाक्य को साधारण वाक्य कहते है. जैसे – ‘अंकित लड़ाई करता है’, ‘अर्जुन बहुत अच्छा निशानेबाज है’. 

संयुक्त वाक्य – ऐसे वाक्य जिनमे दो या दो से अधिक विधेय होते है, यानि ऐसे वाक्य जो आपस में जुड़े होते है उन्हें सयुंक्त वाक्य कहा जाता है जैसे – ‘विजय कल गाँव से आया और आज वापस चला गया’, ‘अर्णव कभी आपके पास आये तो उसे कहना की वह मुझसे मिलकर जाए’. 

संक्युक वाक्य चार प्रकार के होते है – 

  • सयोंजक संयुक्त – ऐसे वाक्य जो आपस में जुड़े होते है. 
  • विभाजक संयुक्त – ऐसे वाक्य जिनमे वाक्य अलग-अलग विभाजित हो रहे होते हैं. 
  • विरोधसूचक संयुक्त – ऐसे वाक्य जो किसी तरह का विरोध जताते हो. 
  • परिमाणवाचक संयुक्त – ऐसे वाक्य जो किसी तरह का परिमाण/माप/संख्या आदि का बोध करवाते हो.  

मिश्रित वाक्य – ऐसे वाक्य जिनमे एक प्रधान होता है और बाकी उससे जुड़े होते है. जैसे ‘मैं जनता हूँ कि तुम बहुत शरारती हो’, ‘ मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है’. 

निष्कर्ष 

हमने यहाँ पर आपको बताया है की वाक्य क्या है, इसके भेद क्या है एंव किस तरह के शब्दों के समूह को हम वाक्य कह सकते हैं. यदि आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें. ताकि आपके दोस्त भी वाक्य किसे कहते है और सही वाक्य के कितने भेद होते है इत्यादि जान पाए. अगर आपका कोई वाक्य से जुड़ा सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में लिख सकते है. हम आपके सवाल का जवाब जरुर देंगे. 

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