शब्द किसे कहते हैं । शब्द के भेद, परिभाषा, उदाहरण

आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे की शब्द किसे कहते है एंव इसके प्रकार कितने है. शब्द हम बोलते भी है और लिखते भी है यानि हमारे मूख से निकली हुई ध्वनी जिसका कोई अर्थ बनता हो वह शब्द होता है. लेकिन व्याकरण के अनुसार शब्द को अनेक प्रकारों में विभाजित किया गया है. इसलिए हमें शब्द क्या है इसे समझना चाहिए. आज का हमारा यह आर्टिकल आपको यह अच्छे से समझाएगा की शब्द क्या है एंव इसके प्रकार कितने है. 

शब्द क्या है एंव इसके प्रकार के बारें में इस आर्टिकल में हम पूरी जानकारी देने का प्रयास करेंगे. हमें उम्मीद है की हमारी यह मेहनत आपको पसंद आएगी. हम स्कुल टाइम से ही शब्दों एंव व्याकरण के बारें में पढ़ते आ रहे है. फिर भी अनेक ऐसे पॉइंट्स है जो हमें शब्द या व्याकरण के समझ नहीं आते हैं. हम उन्ही पॉइंट्स को यहाँ पर समझाने की एक मात्र कोशिश कर रहे हैं. आइये जानते है शब्द क्या है एंव इसके प्रकार कितने है – 

शब्द की परिभाषा 

व्याकरण के अनुसार शब्द की साधारण परिभाषा इस तरह है “एक या एक से अधिक वर्णों से बनी हुई सार्थक ध्वनी या समूह शब्द कहलाता है.” यह हमेशा समय के साथ बदले और बनते रहते हैं. शब्द को समझने के लिए आप यह कह सकते हैं ‘वर्णों का ऐसा समूह जो किसी तरह की ध्वनी उत्पन्न करता हो, उन्हें शब्द कहा जा सकता है. शब्द ही मिलकर पद का निर्माण करते है और पद ही एक वाक्य का निर्माण करते हैं.’ शब्द जैसे – कनक, सोना, रमेश, ओंकार, कला इत्यादि शब्द ही होते हैं. 

शब्द के प्रकार एंव भेद 

शब्द को चार प्रकारों में विभाजित किया गया है एंव शब्द के चार भेद इस तरह है – 

  1. अर्थ के आधार पर 
  2. प्रयोग के आधार पर 
  3. इतिहास या स्रोता के आधार पर 
  4. रचना की दृष्टि से 
  5. व्याकरणिक प्रकार्य के आधार पर 

अर्थ के आधार पर शब्द 

अर्थ के आधार पर शब्दों को चार भागों में बांटा गया है, यह चार भाग इस तरह है – 

  • एकार्थी शब्द 
  • अनेकार्थी शब्द 
  • विलोम या विपरीतार्थी शब्द 
  • पर्यायवाची या समानार्थी शब्द 

एकार्थी शब्द – ऐसे शब्द जिनका अर्थ एक ही होता है उन्हें एकार्थी शब्द कहते है. अक्सर इनका महत्वपूर्ण संज्ञा शब्द के लिए उपयोग किया जाता है जैसे – अटलबिहारी वाजपेयी, इंदिरा गांधी, राम, अमिताभ बच्चन इत्यादि शब्द एकार्थी में ही आते है जिनका सिर्फ एक ही अर्थ होता है. 

अनेकार्थी शब्द – ऐसे शब्द जिनका एक या एक से अधिक अर्थ निकलता हो वे शब्द अनेकार्थी शब्द कहलाते हैं जैसे – कनक – गेहूं, सोना , तप – तपस्या, गर्मी, हार – गले का हार, पराजय. जैसे इन तीन शब्दों के अनेक अर्थ निकल रहे है ऐसे ही भाषा में अनेक शब्द होते है जिनके अनेक अर्थ निकलते हैं. 

विलोम शब्द – वे शब्द जो किसी शब्द के उलटे होते है उन्हें विलोम शब्द या विपरीतार्थी शब्द कहते है जैसे – उल्टा-पुल्टा, आज-कल, माता-पिता, धर्म-अधर्म, हार-जीत, महंगा-सस्ता इत्यादि ऐसे शब्द जो किसी शब्द के विपरीत होते हैं उन्हें विलोम शब्द कहते हैं. 

पर्यायवाची शब्द – ऐसे शब्द जिनका अर्थ तो एक होता है लेकिन वह अलग-अलग तरह से लिखे या उच्चारित किये जाते है उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते है जैसे – पानी – जल, नीर, फुल – पुष्प, आँख – नयन, चक्षु, नेत्र इत्यादि ऐसे शब्द होते है जो समानार्थी होते है लेकिन उन्हें बोलने और लिखने का तरीका भिन्न होता है. ऐसे शब्द पर्यायवाची शब्द की श्रेणी में आते हैं. 

प्रयोग के आधार पर शब्द 

ऐसे शब्द जिनका उपयोग समाजिक एंव भौगोलिक आधार पर किया जाता है उन शब्दों को प्रयोग के आधार की श्रेणी में रखा जाता है यह चार प्रकार के होते है जैसे – 

  • समान्यशब्दावली वाले शब्द – ऐसे शब्द जो किसी एक समुदाय या एक परिवार में उपयोग किये जाते हैं. जैसे आम लो अपनी बोलचाल में जो शब्द उपयोग करते है वह सामान्य शब्दावली वाले शब्द होते है. 
  • तकनिकी शब्दावली वाले शब्द – ऐसे शब्द शिक्षा, ज्ञान, विज्ञान या प्रोधोगिक क्षेत्र में उपयोग किये जाते है, इन्हें अक्सर आम भाषा या बोलचाल में उपयोग नहीं किया जाता है. जैसे- एक्सीलेटर, मशीन, कोरियोग्राफर ऐसे शब्द तकनिकी से जुड़े होते है जो आम बोलचाल में उपयोग नहीं होते है. 
  • अर्ध तकनीक शब्दावली शब्द – ऐसे शब्द जो सामन्य लोग उपयोग करते हैं वह तकनिकी से जुड़े तो होते हैं लेकिन मिश्रित होते है. उन शब्दों को अर्धतकनीक शब्दावली वाले शब्द काहा जाता है. 

इतिहास या स्रोता के आधार पर शब्द 

ऐसे शब्द जिसका एक इतिहास हो यानि किसी कालखंड में उन शब्दों का उपयोग किया गया हो और स्रोत को मालूम हो की वह शब्द कब और कहाँ से आया है एंव इसका अर्थ किया है. ऐसे शब्दों को इतिहास या स्रोता के आधार वाले शब्द कहते हैं. आप इन्हें ऐसे समझ सकते हैं की अगर कोई शब्द ऋग्वेद में उपयोग किया गया है, और उसे आज भी हम अपनी भाषा या आम बोलचाल में उपयोग कर रहे है तो वह इतिहासिक शब्द की श्रेणी में आएगा. ऐसे ही अगर हम हिंदी में किसी अन्य भाषा जैसे संस्कृत के शब्द उपयोग करते है तो उन शब्दो को भी इतिहासिक शब्दों की श्रेणी में रखा जाएगा, 

रचना के आधार पर शब्द 

रचना के आधार पर शब्दों को तीन भागों में बांटा गया है, यह भाग या प्रकार इस तरह है – 

  • रूढ़ शब्द – ऐसे शब्द जिनका निर्माण किसी विशेष अर्थ के लिए हो, ऐसे शब्द जिनके टुकड़े नहीं होते उन शब्दों को रूढ़ शब्द कहते है जैसे – मन, तन, हाथी, हठी, होठ, मुहं इत्यादि शब्द रूढ़ की श्रेणी में आते है जिनको अलग करने पर कोई अन्य शब्द नहीं बनता है. 
  • योगिक शब्द – ऐसे शब्द जो अनेक सार्थक शब्दों के मिश्रण से बने हो योगिक शब्द कहलाते हैं. यानि इन शब्दों को अलग-अलग करने पर भी इनके अर्थ बनते है और वो भी अलग-अलग जैसे – मृत्युजंय – मृत्यु-अजय – मृत्यु पर विजय पाने वाला. हिमालय – हिम-आलय – बर्फ का घर. ऐसे शब्दों को योगिक शब्दों की श्रेणी में रखा जाता है. 
  • योगिकरूढ़ शब्द – ऐसे शब्द जो बने तो अनेक योगिक शब्दों के मेल से है लेकिन वह समान्य अर्थ को प्रकट ना करके किसी विशेष अर्थ को प्रकट करते हैं. ऐसे शब्दों को योगिकरूढ़ शब्द कहते है जैसे – नीलकंठ (नील खंड वाला)  – शिवजी, चक्रधारी (चक्र को धारण करने वाला)  – श्री कृष्ण (विष्णु जी) इन सभी शब्दों के अर्थ अलग है लेकिन यह उपयोग किसी विशेष अर्थ के लिए ही होते हैं. इसलिए इन्हें योगिकरूढ़ की श्रेणी में रखा गया है. 

व्याकरणिक प्रकार्य के आधार पर शब्द 

हम जानते है की प्रत्येक भाषा का अपना व्याकरण है, उसी के आधार पर भाषा और व्याकरण का अध्ययन किया जाता है. ऐसे में व्याकरण के अनुसार शब्दों को दो भागों में बांटा गया है – 

  • विकारी शब्द – इनमे लिंग, वचन, कारक, काल और संज्ञा, विशेषण, सर्वनाम, क्रिया  इत्यादि का समावेश होता है. ऐसे शब्दों को विकारी शब्दों की श्रेणी में रखा जाता है. इन शब्दों को अपनी जरूरत के अनुसार बदला भी जा सकता है. जैसे – लड़का, लड़की, भवन, परसों इत्यादि. 
  • अविकारी शब्द – इन शब्दों में क्रियाविशेषण, समुच्चयबोध, विस्मयबोध का समावेश होता है लेकिन इन शब्दों को बदला नहीं जा सकता है. यह हमेशा एक ही शब्द रहते है और जरूरत के अनुसार इन्हें बदलना असंभव होता है. ऐसे शब्दों को अवयव शब्द या अविकारी शब्द कहा जाता है. जैसे – अब, कब, क्यों, पर, में, बहुत, अधिक, कम, हाँ, नहीं, लेकिन, जल्दी, शीघ्र इत्यादि शब्द अविकारी श्रेणी में आते हैं.  

निष्कर्ष 

यहाँ हमने शब्द क्या है एंव उसके सभी प्रकारों की जानकारी दी है, अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें. अगर शब्द से जुड़ा किसी भी तरह का प्रश्न है तो आप यहाँ कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं. हमें उम्मीद है की आप हमारी इस मेहनत को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करेंगे. 

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