सर्वनाम किसे कहते हैं । सर्वनाम के भेद, परिभाषा, उदाहरण

एक अच्छा लेखन तभी अच्छा होता है जब लेखन में व्याकरण का सही से उपयोग किया गया हो, यदि व्याकरण सही से उपयोग नहीं किया जाता है तो हमारा लेखन शायद उन लोगों को पसंद नहीं आएगा जिन्हें व्याकरण का ज्ञान है. व्याकरण में संज्ञा का जिक्र हमने अपने पहले आर्टिकल में किया था, आज इस आर्टिकल में हम आपको सर्वनाम क्या है के बारें में जानकारी देने वाले हैं. सर्वनाम हिंदी व्याकरण में अपना अहम स्थान रखता है, क्योंकि यह बड़े-बड़े शब्दों को छोटा रूप देने में काम आता है. 

हमें उम्मीद है की सर्वनाम के बारें में हमारी यह जानकारी आपको पसंद आएगी, हम सर्वनाम से जुड़ी पूरी जानकारी इस आर्टिकल में देने का एक प्रयास कर रहे हैं. इसलिए यदि आप सर्वनाम क्या है एंव सर्वनाम के भेद की जानकारी चाहते है तो इस आर्टिकल को पूरा जरुर पढ़ें. आइये पढ़ते है सर्वनाम क्या है – 

सर्वनाम क्या है 

सर्वनाम की परिभाषा समझने से पहले हमें इसका नाम समझना चाहिए यह दो शब्दों को मिलाकर बना हुआ है. पहला सर्व और दूसरा नाम, इसमें सर्व का अर्थ होता है सभी और नाम का अर्थ वस्तु,स्थान या किसी का नाम होता है. यानि इसका अर्थ हुआ सभी का नाम. अब आगे आप इसकी परिभाषा पढेंगे तो आपको इसका सम्पूर्ण अर्थ समझ आएगा कि क्यों इसे सर्वनाम कहा गया है. 

सर्वनाम की परिभाषा 

सर्वनाम की साधारण परिभाषा इस तरह है “वे शब्द जो किसी व्यक्ति, वस्तु और स्थान के नाम की जगह उपयोग किये जाते है, उन्हें सर्वनाम कहा जाता है.” यानि वो शब्द जो संज्ञा शब्द की जगह हम उपयोग कर सकते है उन शब्दों को हम सर्वनाम कह सकते हैं. यह शब्द इस तरह है  – वह, तुम, मैं, आप, वे और यह जैसे शब्द जो हम संज्ञा के लिए उपयोग करते है. इन्हें सर्वनाम कहा जाता है. 

सर्वनाम के भेद व प्रकार 

सर्वनाम छ: प्रकार के होते है, यह इस तरह है –  

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम 
  2. निश्चयवाचक सर्वनाम 
  3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम 
  4. निजवाचक सर्वनाम 
  5. संबंधवाचक सर्वनाम 
  6. प्रश्नवाचक सर्वनाम 

पुरुषवाचक सर्वनाम की परिभाषा 

पुरुषवाचक सर्वनाम की परिभाषा इस तरह है “जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता (स्त्री या पुरुष) द्वारा अपने या दूसरों के लिए उपयोग किये जाते हैं उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं.” यह शब्द जैसे – मैं, वह, आप, तुम, यह इत्यादि है. पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद होते हैं – 

  • उत्तमपुरुष 
  • मध्यमपुरुष 
  • अन्यपुरुष 

उत्तमपुरुष – वे शब्द जिनका उपयोग वक्ता अपने लिए करता है उन्हें उत्तमपुरुष की श्रेणी में रखा गया है. यह शब्द जैसे – मैं, मेरा, हम, हमारा, मेरी, हमारी, मुझे, मुझको इत्यादि ऐसे शब्द जो वक्ता अपने लिए उपयोग करता है. 

उदाहरण – ‘मैं हमेशा पढता रहता हूँ’ इस वाक्य में पुरुषवाचक सर्वनाम के उत्तमपुरुष सर्वनाम का उपयोग किया गया है. 

मध्यमपुरुष – वे शब्द जिनका उपयोग वक्ता किसी दुसरे के लिए करता है उन्हें मध्यमपुरुष की श्रेणी में रखा गया है जैसे – तुम्हारा, तुमको, तूने, आपके, आपका, तू, तुम्हारी इत्यादि शब्द जो माध्यमपुरुष की श्रेणी में रखा गया है.

उदाहरण – तुम्हे कितनी बार बोला है की किताबें ऐसे मत रखा करो.’ इस वाक्य में पुरुषवाचक सर्वनाम है और मध्यमपुरुष के शब्दों का उपयोग किया गया है. 

अन्यपुरुष – वे शब्द जिनका उपयोग वक्ता किसी तीसरे व्यक्ति (संज्ञा) के लिए उपयोग करता है. उन शब्दों को अन्यपुरुष की श्रेणी में रखा गया है जैसे – यह, वह, वो, उसका, वे इत्यादि शब्द है जिनका उपयोग अन्यपुरुष में होता है. 

उदाहरण – वह बहुत मेधावी छात्र है.’ इस वाक्य में वक्ता किसी तीसरे व्यक्ति के बारें में बात कर रहा है.

निश्चयवाचक सर्वनाम की परिभाषा 

निश्चयवाचक सर्वनाम की साधारण परिभाषा इस तरह है “जिन शब्दों का उपयोग किसी वस्तु, व्यक्ति और स्थान की निश्चितता का बोध होता हो उन शब्दों को निश्चयवाचक सर्वनाम की श्रेणी में रखा जाता है.” 

उदाहरण – ‘मैं दिल्ली में रहता हूँ.” इस वाक्य में यह निश्चित है की ‘मैं दिल्ली का ही रहने वाला हूँ.’ इस बात में कोई संशय नहीं है. इसी तरह का एक वाक्य किसी वस्तु के लिए हो सकता है जैसे ‘यह कुर्सी लकड़ी की है.’ यानि जो कुर्सी वक्ता को नजर आ रही है वह लकड़ी की है. तो इसे हम निश्चयवाचक सर्वनाम की श्रेणी में रखेंगे. 

अनिश्चयवाचक सर्वनाम 

अनिश्चयवाचक सर्वनाम की परिभाषा “वे शब्द जिनका उपयोग किसी वस्तु, व्यक्ति या स्थान की अनिशिचतता दर्शाने के लिए किया जाता है उन्हें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते है.” जैसे – कुछ, कोई इत्यादि ऐसे शब्द है जो अनिशिचतता दर्शाते हैं. 

उदाहरण – शायद उसे कोई मिल गया होगा, तभी वह पार्टी में लेट हो गया होगा.’ अब इस वाक्य में वक्ता किसी ऐसे व्यक्ति के बारें में बात कर रहा है जिसे वह जनता है लेकिन वह साथ में किसी और की भी बात कर रहा है जिसे वह नहीं जनता या उसे कन्फर्म नहीं है इसलिए उसने कोई शब्द का उपयोग किया. यानि उसे अंदाजा है की कोई मिल गया होगा लेकिन यह सत्य हो भी सकता है और नहीं भी. 

निजवाचक सर्वनाम की परिभाषा 

निजवाचक सर्वनाम की साधारण परिभाषा इस तरह है ‘ वे शब्द जिनका उपयोग वक्ता स्वंय को किसी से जोड़ते हुए करता है, उन शब्दों को निजवाचक सर्वनाम कहा जाता है.” इसका उदाहरण हम नीचे बता रहे है – 

उदाहरण – मैं और आप एक ही जगह से हैं.” पहली नजर में यह हमें मध्यमपुरुष सर्वनाम की श्रेणी वाला वाक्य नजर आता है लेकिन आप इसे एक बार फिर पढ़े. वक्ता अपने आप को किसी के साथ जोड़ रहा है. यानि एक जगह है जहाँ से वक्ता भी बिलोंग करता है और उसके साथ जो बात कर रहा है वह भी वहीँ से बिलोंग करता है. इसलिए वक्ता ने कहा की ‘मैं और आप एक ही जगह से हैं.’ इसका एक और उदाहरण हो सकता है जैसे “मैं अपनी गाड़ी खुद ड्राइव करके लाया हूँ.” यहाँ वक्ता ने अपने आप को अपनी गाड़ी से जोड़ा है. इसलिए इसे निजवाचक सर्वनाम की श्रेणी में रखा जाएगा. 

संबंधवाचक सर्वनाम की परिभाषा 

संबंधवाचक सर्वनाम की साधारण परिभाषा हिंदी व्याकरण के अनुसार इस तरह है “जिन सर्वनाम शब्दों का उपयोग किसी व्यक्ति का किसी से संबंध बताने के लिए किया जाता है, उन शब्दों को संबंधवाचक सर्वनाम कहा जाता है. जैसे – जो-सो, जिसकी-उसकी, जैसी-वैसी इत्यादि ऐसे शब्द है जी किसी संज्ञा की जगह संबंध बताने के लिए उपयोग किये जाते है. 

उदाहरण- ‘यह जो लड़की है जिसकी कल सर ने पिटाई करी थी.’ इस वाक्य में जो और जिसकी दो शब्दों का उपयोग हुआ है. दोनों शब्दों के माध्यम से वक्ता उसका संबंध किसी से बताने का प्रयास कर रहा है. ऐसे में आप समझ सकते हैं की यह वाक्य संबंधवाचक सर्वनाम की श्रेणी में आता है. 

प्रश्नवाचक सर्वनाम की परिभाषा 

आप इसके नाम से ही समझ गये होंगे की ‘वे शब्द जिनका उपयोग किसी से प्रश्न पूछने के लिए किया जाता है उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते है.’ जैसे – क्या, कौन, कैसे, किसके इत्यादि शब्द है जिनका उपयोग प्रश्न के लिए किया जाता है. 

उदाहरण – क्या तुम्हे मोटरसाईकिल चलानी आती है ?’ इसमें वक्ता किसी से प्रश्न पूछा रहा है इसलिए उसने क्या शब्द का उपयोग किया है. ऐसे ही ‘तुम कौनसे फ्रूट खाना पसंद करते हो ?’ इसमें वक्ता ने कौनसे शब्द का उपयोग किया है. 

निष्कर्ष 

आज हमने इस आर्टिकल में सर्वनाम क्या है ? उसके भेद और प्रकार के बारें में बताया है. आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें जरूर बताएं. यह जानकारी अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें, ताकि उन्हें भी सर्वनाम एंव हिंदी व्याकरण की सही-सही जानकारी प्राप्त हो पाए. आपका कोई सवाल सर्वनाम से जुड़ा हुआ है तो आप कमेंट बॉक्स में जरुर लिखें, हम आपके सवालों का जवाब जरुर देंगे. 

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