प्रत्यय – परिभाषा, भेद और उदाहरण

आज हम इस लेख में जानेंगे की समास किसे कहते है एवं इसके प्रकार कितने है। समास का सामान्य भाषा में बात करें तो इसका अर्थ ‘‘ हिंदी भाषा में वे शब्द जो की शब्द की अंत में जुड़ करशब्दों की प्रक्रति में परिवर्तन कर देते है एवं उनके शब्दों के अर्थ में परिवर्तन कर देते है, प्रत्यय कहलाते है। ’’ 

हमारे पढने व लिखने के अनुसार तो प्रत्यय एक ही होते है लेकिन व्याकरण के अनुसार प्रत्यय को कई अनेक भागों में बांटा गया है। इसलिए हमें प्रत्यय क्या है इसे समझना चाहिए। आज का हमारा यह लेख आपको इस के बारे में अच्छे से समझायेगा की प्रत्यय क्या है एवं इसके कितने प्रकार होते है। 

प्रत्यय क्या है एवं इसके प्रकार के बारे में इस लेख में आपको पूरी जानकारी देने का प्रयास करेंगे। हम उम्मीद करते है की आपको हमारा ये लेख पसंद आएगा। जब हम बचपन में स्कूल में पढते थे तब से ही प्रत्यय एवं व्याकरण के बारे में पढते आ रहे है। 

इसके बावजूद भी ऐसे कई बिंदु है जो हमें प्रत्यय एवं व्याकरण के संदर्भ में समझ नही आते है। हमारे इसी लेख में उन्ही बिन्दुओं को समझाने का प्रयास कर रहे है। चलिये जानते है की प्रत्यय क्या है और इसके कितने प्रकार है –

प्रत्यय की परिभाषा

हिंदी भाषा में वे शब्द जो की शब्द की अंत में जुड़ करशब्दों की प्रक्रति में परिवर्तन कर देते है एवं उनके शब्दों के अर्थ में परिवर्तन कर देते है, प्रत्यय कहलाते है।

प्रत्यय के भेद 

कृत् (कृदन्त) मूल क्रिया के साथ कृत् प्रत्यय को जोड़कर नए शब्दों की रचना की जाती है। हिंदी में वे शब्द जिनकी प्रकृति कृत के सामान है और जिनको जोड़ने से शब्द का अर्थ बदल जाता है. 

प्रत्यय मूल क्रिया उदाहरण

  • अ – लूटू, खेल – लूट, खेल
  • अक्कड़ – पी, घूम् – पिअक्कड़, घुमक्कड़
  • अन्त – लड़, पिट् – लड़न्त, पिटन्त
  • अन – जल, ले – जलन, लेन
  • अना – पढ़, दे – पढ़ना, देना
  • आ – मेल, बैठ – मेला, बैठा
  • आई – खेल, लिख – खेलाई, लिखाई
  • आऊ – टिक्, खा – टिकाऊ, खाऊ
  • आन – उठ्, मिल् – उठान, मिलान
  • आव – घुम् , जम् – घुमाव, जमाव
  • आवा – छल्, बहक् – छलावा, बहकावा
  • आवना, – सुह, डर – सुहावना, डरावना
  • आक, आका, आकू – तैराक, लड़ाका, पढ़ाकू
  • आप, आपा – तैर, लड़ा, पढ़ – मिलाप, पुजापा
  • आवट – मिल्, पुज – बनावट, दिखावट
  • आहट – बन्, दिख् – घबराहट, झनझनाहट
  • आस – पी, मीठा – प्यास, मिठास
  • इयल – मर्, अड़ – मरियल, अड़ियल
  • इया – छल, घट – छलिया, घटिया
  • ई – घुड़क्, लग – घुड़की, लगी
  • ऊ – मार्, काट् – मारू, काटू
  • एरा – लूट, बस् – लुटेरा, बसेरा
  • ऐया – हँस, बच – हँसैया, बचैया
  • ऐत – लड़, बिगड़ – लडैत, बिगडैत
  • ओड़, ओड़ा – भाग, हँस, – भगोड़ा, हँसोड़
  • औता, औती – समझ्, चुन् – समझौता, चुनौती
  • औना, औनी, आवनी – खेल्, मिच्, डर् – खिलौना, मिचौनी, डरावनी
  • का – छील, फूल – छिलका, फूलका
  • वाला – जा, सो – जाने वाला, सोनेवाला

प्रत्यय मूल क्रिया उदाहरण

  • अ – लूटू, खेल – लूट, खेल
  • अक्कड़ – पी, घूम् – पिअक्कड़, घुमक्कड़
  • अन्त – लड़, पिट् – लड़न्त, पिटन्त
  • अन – जल, ले – जलन, लेन
  • अना – पढ़, दे – पढ़ना, देना
  • आ – मेल, बैठ – मेला, बैठा
  • आई – खेल, लिख – खेलाई, लिखाई
  • आऊ – टिक्, खा – टिकाऊ, खाऊ
  • आन – उठ्, मिल् – उठान, मिलान
  • आव – घुम् , जम् – घुमाव, जमाव
  • आवा – छल्, बहक् – छलावा, बहकावा
  • आवना, – सुह, डर – सुहावना, डरावना
  • आक, आका, आकू – तैराक, लड़ाका, पढ़ाकू
  • आप, आपा – तैर, लड़ा, पढ़ – मिलाप, पुजापा
  • आवट – मिल्, पुज – बनावट, दिखावट
  • आहट – बन्, दिख् – घबराहट, झनझनाहट
  • आस – पी, मीठा – प्यास, मिठास
  • इयल – मर्, अड़ – मरियल, अड़ियल
  • इया – छल, घट – छलिया, घटिया
  • ई – घुड़क्, लग – घुड़की, लगी
  • ऊ – मार्, काट् – मारू, काटू
  • एरा – लूट, बस् – लुटेरा, बसेरा
  • ऐया – हँस, बच – हँसैया, बचैया
  • ऐत – लड़, बिगड़ – लडैत, बिगडैत
  • ओड़, ओड़ा – भाग, हँस, – भगोड़ा, हँसोड़
  • औता, औती – समझ्, चुन् – समझौता, चुनौती
  • औना, औनी, आवनी – खेल्, मिच्, डर् – खिलौना, मिचौनी, डरावनी
  • का – छील, फूल – छिलका, फूलका
  • वाला – जा, सो – जाने वाला, सोनेवाला

हिन्दी के तद्धित प्रत्यय जो की हिंदी के तद्भव शब्दों में तद्धित प्रत्यय जोड़कर संज्ञा और विशेषण से बनने वाले कुछ शब्दों के उदहारण

  • प्रत्यय मूल क्रिया उदाहरण
  • आ – भूख, प्यास – भूखा, प्यासा
  • आई – विदा, ठाकुर – विदाई, ठकुराई
  • आन – ऊँचा, नीचा – ऊँचान, निचान
  • आना – तेलंग, बघेल – तेलंगना, बघेलाना
  • आर – कुम्भ, सोना – कुम्भार, सोनार
  • आरी, आरा – हत्या, घास – हत्यारा, घसियारा
  • आल, आला – ससुर, दया – ससुराल, दयाला
  • आवट – नीम, आम – निमावट, अमावट
  • आस – मीठा, खट्टा – मिठास, खटास
  • आहट – चिकना, कडुआ – चिकनाहट, कडुवाहट
  • इया – दुःख, भोजपुर – दुखिया, भोजपुरिया
  • ई – खेत, सुस्त – खेती, सुस्ती
  • ईला – रंग, जहर – रंगीला, जहरीला
  • ऊ – गँवार, बाज़ार – गँवारू, बाज़ारू
  • एरा – मामा, चाचा – ममेरा, चचेरा
  • एड़ी – भांग, गाँजा – भँगेड़ी, गजेड़ी
  • औती – काठ, मान – कठौती, मनौती
  • ओला – सॉप, खाट – सँपोला, खटोला
  • का – ढोल, बाल – ढोलक, बालक
  • ऐल – झगड़ा, तोंद – झगडैल, तोंदैल
  • त – संग, रंग – संगत, रंगत
  • पन – मैला, लड़का – मैलापन, लड़कपन
  • पा – बहन, बूढ़ा – बहनापा, बुढ़ापा
  • हारा – लकड़ी, पानी – लकड़हारा, पनिहारा
  • स – उष्मा, तम – उमस, तमस
  • ता – मधुर, मनुज – मधुरता, मनुजता
  • हरा – एक, तीन – एकहरा, तिहरा
  • वाला – टोपी, धन – टोपीवाला, धनवाला

लिंग परिवर्तन वाले प्रत्यय

ऐसे प्रत्यय जिनके जुड़ने से लिंग बदल जाता है. 

  • आइन – पण्डित, लाला – पण्डिताइन, ललाइन
  • आनी – राजपूत, जेठ – राजपूतानी, जेठानी
  • इन – तेली, दर्जी – तेलिन, दर्जिन
  • इया – चूहा, बेटा – चुहिया, बिटिया
  • ई – घोड़ा, नाना – घोड़ी, नानी
  • नी – शेर, मोर – शेरनी, मोरनी

निष्कर्ष

यहाँ हमने प्रत्यय क्या है एवं इसके साथ ही गणित के सभी प्रकारों की जानकारी दी है, अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें। अगर प्रत्यय से जुड़ा किसी भी तरह का प्रश्न है तो आप यहाँ कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। हमें उम्मीद है की आप हमारा यह मेहनत भरा लेख अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करेंगे।

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