क्रिया विशेषण किसे कहते हैं । क्रिया विशेषण के भेद, परिभाषा, उदाहरण

हिंदी व्याकरण में विशेषण और क्रिया विशेषण आपस में काफी मिलते-जुलते हैं, अक्सर बहुत से लोग क्रिया विशेषण और विशेषण में अंतर स्पष्ट नहीं कर पाते हैं. आज हम इस आर्टिकल में आपको क्रिया विशेषण से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध करवाएंगे ताकि आपको कभी ऐसे प्रश्न का सामना करना पड़े तो आप आसानी से क्रिया विशेषण और विशेषण में अंतर बता सके. यहाँ हम दोनों में अंतर क्या है इसके बारें में भी बतायेंगे और क्रिया विशेषण को विस्तार से समझाने का प्रयास करेंगे. 

क्रिया विशेषण क्या है और इसके कितने भेद है इसकी जानकारी आपको यहाँ बताने जा रहे हैं. अगर आपको हमारा यह प्रयास अच्छा लगे तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तो के साथ शेयर जरुर करें. अगर आप क्रिया विशेषण क्या है एंव इसके कितने भेद होते है के बारें में जानना है तो आप यहाँ जान पायेंगे. 

क्रिया विशेषण की परिभाषा 

हिंदी व्याकरण के अनुसार क्रिया विशेषण की साधारण परिभाषा इस तरह है “वे शब्द जो किसी क्रिया की विशेषता बताते हैं उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं.” आप उदाहरण के तौर पर इसे इस तरह समझ सकते हैं जैसे – 

उदाहरण – ‘बहुत तेज चलना.’ जैसा की आप इस वाक्य में देख सकते हैं यहाँ पर चलना एक क्रिया है और इसकी विशेषता है ‘बहुत तेज’ इस तरह अगर किसी वाक्य में किसी क्रिया की विशेषता का जिक्र हो तो उसे आप क्रिया विशेषण के प्रयोग वाला वाक्य कह सकते हैं. 

क्रिया विशेषण के भेद/प्रकार 

क्रिया विशेषण को चार भागों में यानि चार भेदों में बांटा गया है. हम कह सकते है क्रिया विशेषण के चार भेद होते है यह भेद इस तरह है – 

  1. कालवाचक क्रिया विशेषण 
  2. स्थानवाचक क्रिया विशेषण 
  3. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण 
  4. रीतिवाचक क्रिया विशेषण 

कालवाचक क्रिया विशेषण के बारें में 

वे अविकारी शब्द जो किसी क्रिया के होने का समय बतलाते हैं, उन्हें कालवाचक क्रिया विशेषण कहते है. जैसे – कल, परसों, अभी तक, कभी, पीछे, पहले, अभी-अभी, बारम्बार इत्यादि शब्द कालवाचक क्रिया विशेषण होते हैं. 

उदाहरण – ‘अभी तक उसे मेरे पैसे लौटाए नहीं है.’ इस वाक्य में लौटाए एक क्रिया है और उसकी विशेषता है की ‘अभी तक’ इसमें समय की बात हो रही है इसलिए यह कालवाचक क्रिया विशेषण की श्रेणी में आएगा. 

स्थानवाचक क्रिया विशेषण के बारें में 

वे अविकारी शब्द जो किसी स्थान की विशेषता बताते हैं, उन्हें स्थानवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं. जैसे- यहाँ, वहां, आगे, पीछे, उपर, नीचे, भीतर, बाहर, सामने इत्यादि शब्द इसी श्रेणी में आते हैं. आप उदाहरण समझ सकते है – 

उदाहरण – ‘नैतिक वहां दौड़ता हुआ जा रहा था.’ इस वाक्य को पढने पर हम समझ सकते है की किसी स्थान की बात हो रही है और उस स्थान को यहाँ पर वहां शब्द से संबोधित किया गया है. ‘जा रहा था’ एक क्रिया है लेकिन यहाँ पर एक स्थान की भी बात हो रही है ऐसे में यह स्थानवाचक क्रिया विशेषण की श्रेणी में आएगा. 

परिमाणवाचक क्रिया विशेषण के बारें में 

वे अविकारी शब्द जो किसी क्रिया परिमाण या संख्या का बोध करवाते हैं, उन्हें परिमाणवाचक क्रिया विशेषण की श्रेणी में रखा जाता है. जैसे – थोड़ा-थोड़ा, बहुत अधिक, पूर्णत: , सर्वथा, कुछ, यथेष्ट, एक एक करके, केवल, कितना इत्यादि शब्द परिमाणवाचक क्रिया विशेषण की श्रेणी में आते है. 

उदाहरण –  ‘एक-एक करके लोग निकल गये.’ इस वाक्य में निकल क्रिया है, अब इस क्रिया की विशेषता यह भी हो गई है की यहाँ से लोग एक-एक करके निकल गये है. ऐसे में यह वाक्य परिमाणवाचक क्रिया विशेषण में शामिल होगा.  

रीतिवाचक क्रिया विशेषण के बारें में 

वे अविकारी शब्द जो किसी क्रिया को करने के तरीके का बोध करवाते हो वह रीतिवाचक क्रिया विशेषण की श्रेणी में आते हैं जैसे – बहुत तेज, धीरे-धीरे, जल्दी-जल्दी, रोज, घूमकर इत्यादि शब्द रीतिवाचक क्रिया विशेषण में शामिल होते है. 

उदाहरण – वह बहुत तेज दोड़ने लगा.’ इस वाक्य में दोड़ना एक क्रिया है लेकिन इस क्रिया को कैसे किया गया है उसकी विशेषता हम ‘बहुत तेज’ पढ़ सकते है. अब हम समझ सकते है की कोई व्यक्ति बहुत तेज दोड़ने लगा इससे हम क्रिया कैसे हुई उसका बोध होता है ऐसे में यह रीतिवाचक क्रिया विशेषण की श्रेणी में आएगा. 

क्रिया विशेषण और विशेषण में अंतर क्या है 

जैसा की हमने उपर पहले ही कहा था की आपको हम यहाँ पर विशेषण और क्रिया विशेषण दोनों में अंतर स्पष्ट करवायेंगे ताकि आपको आगे भविष्य में किसी भी तरह की प्रॉब्लम ना हो. वैसे तो हमने विशेषण क्या है ? के बारें में एक आर्टिकल लिखा है लेकिन आप यहाँ क्रिया विशेषण और विशेषण में अंतर देख सकते है – 

विशेषण क्रिया विशेषण 
विशेषण हमेशा संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है. यह हमेशा क्रिया की विशेषता बताता है. 
इसका उपयोग संज्ञा के साथ होता है. इसका उपयोग क्रिया के साथ होता है. 
यह किसी से प्रश्न पूछने का काम करता है यह हमेशा जवाब के साथ होता है. 

उदाहरण – 

जिस वाक्य में विशेषण संज्ञा/सर्वनाम के साथ इस तरह हो “वह अच्छा नाविक है.” अब इस वाक्य में ‘नाविक’ संज्ञा है. और ‘अच्छा’ इसकी विशेषता है तो यह विशेषण की श्रेणी में आएगा. 

अगर यही वाक्य इस तरह होता ‘वह बहुत अच्छी नाव चलाता है.’ अब इस वाक्य में संज्ञा की क्रिया के बारें में भी जिक्र हो रहा है लेकिन उस क्रिया की विशेषता भी बताई जा रही है. यानि ‘चलाता’ एक क्रिया है और ‘नाव’ एक संज्ञा है. चलाता या चलने की विशेषता है ‘अच्छी’ तो यह एक क्रिया विशेषण वाला वाक्य होगा. 

उम्मीद है आप क्रिया विशेषण और विशेषण में अंतर समझ गये होंगे. 

निष्कर्ष 

यहाँ हमने क्रिया विशेषण क्या है एंव इसके भेद के बारें में सम्पूर्ण जानकारी आपको दी है, उम्मीद है आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा. अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया है तो अपने दोस्तों के साथ इस आर्टिकल को शेयर जरुर करें. क्रिया विशेषण से जुड़ा कोई सवाल हो तो आप यहाँ कमेंट बॉक्स में हमसे पूछ सकते हैं. हम आपके सवाल का जवाब जल्द से जल्द देने का प्रयास करेंगे . 

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