गायत्री मन्त्र Lyrics, Meaning, Significance and Benefits

हिन्दू धर्म में गायत्री मंत्र का प्रमुख स्थान है, हिन्दू धर्म के लोगों की गायत्री मंत्र में खूब आस्था है. माना जाता है की गायत्री मंत्र की उत्पति हिन्दू देवी-देवताओं के द्वारा करी गई है. इतना ही नहीं गायत्री मंत्र के उच्चारण करने मात्र से इंसान के जीवन में अनेक बदलाव आते है. इंसान भगवान से सीधे संपर्क साध सकता है इस मंत्र से, हिन्दू धर्म के लोगों की इतनी आस्था है इस मंत्र से की जब भी उनके घर में कोई शुभ कार्य होता है तो गायत्री मंत्र का जप जरुर होता है. आज हम यहाँ गायत्री मंत्र का अर्थ, एंव इससे जुड़ी अनेक जानकारियां देने वाले हैं. 

गायत्री मंत्र का सार  (Gayatri mantra ka saar)

हिन्दू धर्म के लोगों के अनुसार गायत्री मंत्र महामंत्र है. इसकी उत्पति ब्रह्मा जी से हुई है, उन्होंने जब संसार का पहला ग्रन्थ ऋग्वेद लिखा तो उसकी शुरुआत इसी मंत्र से की है. कहते है की यह मंत्रा ब्रह्मा, विष्णु और महेश का सार है. कहते हैं की इस मंत्र के हर एक शब्द से किसी ना किसी देवता का आह्वान होता है. गायत्री मंत्र को सबसे पवित्र मंत्र माना गया है और इसे ॐ की भाँती ही सम्मान दिया गया है. आज भी हमारे भारत या फिर किसी भी हिन्दू के घर में अगर कोई पूजा होती है तो सबसे पहले शुरुआत गायत्री मंत्र से ही होती है. 

गायत्री मंत्र का अर्थ  (Gayatri mantra ka Arth)

यह पवित्र गायत्री मंत्र या संसार का पहला मंत्र है

‘ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥‘

गायत्री मंत्र का अर्थ समझने के लिए आपको पहले इसके हर एक शब्द का अर्थ समझना होगा तो हम यहाँ इस बुलेट पॉइंट्स की मदद से आपको गायत्री मंत्र के शब्दों का अर्थ बता रहे है. बाद में इसका सम्पूर्ण अर्थ भी बतायेंगे – 

  • ॐ : परब्रह्मा का अभिवाच्य शब्द
  • भूः : भूलोक
  • भुवः : अंतरिक्ष लोक
  • स्वः : स्वर्गलोक
  • त : परमात्मा अथवा ब्रह्म
  • सवितुः : ईश्वर अथवा सृष्टि कर्ता
  • वरेण्यम : पूजनीय
  • भर्गः: अज्ञान तथा पाप निवारक
  • देवस्य : ज्ञान स्वरुप भगवान का
  • धीमहि : हम ध्यान करते है
  • धियो : बुद्धि प्रज्ञा
  • योः : जो
  • नः : हमें
  • प्रचोदयात् : प्रकाशित करें।

गायत्री मंत्र का सम्पूर्ण अर्थ “हम श्रृष्टि के निर्माता ईश्वर की महिमा का ध्यान करते हैं, जिसने इस संसार को उत्पन्न किया है, जो पूजनीय है, जो ज्ञान का भंडार है, जो पापों तथा अज्ञानता का नाश करने वाला हैं- वह हमें प्रकाश दिखाए और हमें सत्य पथ पर ले जाये”

गायत्री मंत्र का जप कैसे और कब करें (Gayatri mantra ka jaap)

माना जाता है की अगर गायत्री मंत्र का जप यानी उच्चारण कोई करता है तो उसे हमेशा लाभ ही होता है. उसके पास किसी भी तरह की कोई नकरात्मक उर्जा ज्यादा समय तक नहीं रूकती. ऐसे में हर कोई जानना चाहता है की गायत्री मंत्र का जप कैसे किया जाता है और इसका जप कब करना चाहिए. 

गायत्री मंत्र का जप आप किसी भी समय और किसी भी शुभ कार्य में कर सकते है. इसे जप करने के लिए कोई नियम नहीं बने हुए है. अगर आप ईश्वर का ध्यान करना चाहते है तो किसी भी समय और किसी भी जगह कर सकते हैं. नित्यकर्म से निर्वित होकर आप 108 मोतियों वाली माला हाथ में लेकर प्रत्येक सम्पूर्ण मंत्र के उच्चारण के साथ एक-एक मोती को गिनते रहे या आगे बढाते रहे. जैसे ही 108 बार आपका जप पूरा होता है आप मंत्रोच्चारण बंद कर सकते हैं. 

इसके अलावा आप एकांत में अच्छे से बैठकर और ईश्वर का ध्यान करते हुए इस मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं. 

गायत्री मंत्र जप करने के फायदे  (Gayatri mantra jaap ke fayde)

हम किसी भी तरह का अन्धविश्वास नहीं फैलाना चाहते लेकिन हिन्दू धर्म के लोगों की आस्था है और वह इस मंत्र के अनेक फायदे भी हमे बता सकते हैं. हालाँकि विज्ञान ने भी यह माना है की गायत्री मंत्र का जप करने से मस्तिष्क सही रहता है और स्मरण शक्ति बढती है. लेकिन इसके अनेक फायदे भी है – 

  • आप कभी भी जिंदगी में निराश नहीं होंगे. 
  • आपके घर या आपके आस-पास किसी भी तरह की नकरात्मक उर्जा नहीं रहेगी. 
  • जब भी आप इसका जप करेंगे आपको एक नई उर्जा प्राप्त होगी. 
  • सुबह-सुबह जप करने के बाद आपका काम में मन लगा रहेगा. 
  • आपकी ईश्वर में श्रधा बढ़ेगी. 
  • आपके साथ किसी भी तरह का कुछ गलत नही होगा. 
  • अगर आप हर रोज गायत्री मंत्र का जप करते है तो आपको मस्तिष्क संबधित किसी भी तरह की कोई बीमारी नहीं होगी. 
  • अगर आप किसी रोग से पीड़ित है तो आपको उस रोग से लड़ने की एनर्जी मिलेगी. 
  • अगर आप वृद्ध है तो आपको हर रोज गायत्री मंत्र जप करना चाहिए, ताकि ईश्वर की कृपा हमेशा बनी रहे. 

निष्कर्ष 

हमने यहाँ आपको गायत्री मंत्र से जुड़ी अनेक जानकारी दी है, आपको हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट में जरुर बताएं. ऐसी ही अच्छी और ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट को बुकमार्क करें. ताकि आपको अच्छी और सही जानकारी हमेशा मिलती रहे. 

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *